कर्मठता , गतिशीलता का ज्ञान कराती है ।
बाधाओं के आगे कभी हार नहीं मानती_
लगनशीलता चींटी का मान बढ़ाती है ।।
स्वरचित -डॉ. दीक्षा चौबे
दुर्ग , छत्तीसगढ़
आसमान में उड़ते बादलों की तरह भाव मेरे मन में उमड़ते -घुमड़ते रहते हैं , मैं प्यासी धरा की तरह बेचैन रहती हूँ जब तक उन्हें पन्नों में उतार न लूँ !